फादर्स डे का महत्व और इतिहास
फादर्स डे हर साल जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है, जो इस साल 16 जून 2024 को है। यह दिन उन व्यक्तियों को सम्मानित करने के लिए निर्धारित है जिन्होंने पिता के रूप में अपने परिवार के प्रति अद्वितीय समर्पण और जिम्मेदारी दिखायी है। इस अवसर पर हम उनके त्याग, परिश्रम और अटूट प्यार को याद करते हैं, जिसे वे अपने बच्चों और परिवार को देते हैं।
फादर्स डे की शुरुआत
फादर्स डे के इतिहास में सबसे पहले इसे 1908 में वेस्ट वर्जीनिया में मनाया गया था। लेकिन इसका प्रचलन 1910 में सोनारा स्मार्ट डोड द्वारा वाशिंगटन में हुआ। सोनारा ने अपने पिता की सराहना में पहला आधिकारिक फादर्स डे मनाया। उन्हें यह विचार आया क्योंकि उनकी मां के गुजर जाने के बाद उनके पिता ने उन्हें और उनके 5 भाई-बहनों को अकेले पाल-पोस कर बड़ा किया था।
पिता और उनके समर्पण का महत्व
एक पिता का अपने बच्चों के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान होता है। उनके मार्गदर्शन, समर्थन और प्यार से बच्चों का भविष्य संवरता है। पिता न केवल परिवार के प्रमुख संरक्षक होते हैं, बल्कि वे अपने बच्चों के लिए एक मजबूत उदाहरण भी प्रस्तुत करते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ऐसे बच्चों में जीवन की कई समस्याओं से निपटने की ताकत और आत्मविश्वास बढ़ता देखा गया है, जिनके पिता सक्रिय रूप से उनके जीवन में शामिल रहते हैं।
फादर्स डे 2024 के लिए शीर्ष 10 कोट्स
फादर्स डे 2024 पर, हम अद्भुत कोट्स साझा कर रहे हैं जो पिताओं के समर्पण और प्यार को सच्चे राजधानी के रूप में सम्मानित करते हैं:
- थॉमस जे. लैंगली: “असली धन वह है जिसे आप अपने बच्चों के साथ बिताए समय में इकट्ठा करते हैं।”
- विलियम शेक्सपियर: “मेरे पिता को किसी संत के रूप में न मानो, लेकिन वह जानें कि मेरे लिए वे क्यों हीरो हैं।”
- सुसान गेल: “एक पिता का प्यार अदृश्य हो सकता है, लेकिन यह दुनिया को स्पष्ट रूप से महसूस होता है।”
- ऐनी गेड्स: “एक पिता की ताकत बच्चे की आत्मा के लिए सबसे बड़ी सुरक्षा है।”
- पैम ब्राउन: “मेरे पिता, मेरे पहले जुड़ाव के साथी, मेरे आजीवन मार्गदर्शक।”
- रीड मार्कहम: “भविष्य के नेताओं को तैयार करने की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी एक पिता की होती है।”
- अब्राहम लिंकन: “मैं जो भी हूं, और जो भी मैं बनने की ख्वाहिश रखता हूं, उसका श्रेय मेरे प्यारे पिता को जाता है।”
- सुसैन हेन्टज़: “एक पिता का प्यार समय बीतने के साथ-साथ और गहरा होता जाता है।”
- लिजा मिनेली: “पिता का न रहना, बरसात के बिना दिन बिताने जैसा होता है।”
- जिम वालवानो: “जो लड़के अपने पिता के साथ विशेष पल बांटते हैं, वे असाधारण परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम होते हैं।”
फादर्स डे के लिए व्हाट्सएप संदेश
फादर्स डे पर अपने पिता को प्यार और सम्मान के साथ शुभकामनाएं भेजने के लिए यहाँ कुछ व्हाट्सएप संदेश दिए गए हैं:
- “प्रिय पापा, आपके बिना यह दुनिया अधूरी है। आप मेरे जीवन के सबसे बड़े हीरो हैं। हैप्पी फादर्स डे!”
- “पापा, आपके प्यार और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद। आप मेरे लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेंगे। फादर्स डे मुबारक!”
- “आपने मुझे हमेशा सिखाया है कि जीवन में सच्चे मूल्यों को कैसे पहचाना जाए। आपका धन्यवाद, पापा। फादर्स डे की शुभकामनाएं!”
- “पापा, आप मेरे पहले शिक्षक हैं। आपके सिखाए गए जीवन के पाठ हमेशा मेरे साथ रहेंगे। हैप्पी फादर्स डे!”
- “आपका बिन शब्दों का प्यार और समर्थन मेरी जिंदगी में अमूल्य है। फादर्स डे की बधाई, पापा!”
फादर्स डे उन सभी पिताओं और पिता समान व्यक्तियों के प्रति हमारे सराहना और धन्यवाद का दिन है जो हमारे जीवन की नींव रखते हैं। यह दिन उन्हें यह याद दिलाने का अवसर देता है कि वे हमारे लिए कितने महत्वपूर्ण हैं और हम उनसे कितनी प्यार करते हैं। सभी दर्शकों को यह दिन बहुत खुशियों से मनाने की शुभकामनाएं।
18 टिप्पणि
ANIL KUMAR THOTA
जून 17, 2024 AT 06:16पिता का प्यार बोले बिना समझ में आता है
मैंने अपने पापा को कभी धन्यवाद नहीं कहा था अब तो बस उनके साथ बैठकर चाय पीता हूँ
VIJAY KUMAR
जून 17, 2024 AT 10:41फादर्स डे का ये सारा शोर बस कॉर्पोरेट मार्केटिंग का चाल है 🤡
कोई नहीं जानता कि असली पिता कौन हैं
जब तक तुम्हारा पापा तुम्हारी सैलरी नहीं बढ़ाता तब तक वो हीरो नहीं है
ये सब कोट्स तो फेसबुक पर शेयर करने के लिए बनाए गए हैं
असली जिंदगी में पिता तो बस बिल भरते हैं और चिल्लाते हैं 😤
Manohar Chakradhar
जून 17, 2024 AT 21:04मैंने अपने पापा को एक बार बताया था कि मैं उनकी तरह बनना चाहता हूँ
उन्होंने मुस्कुराकर कहा था - बेटा मैं तो बस एक आम आदमी हूँ
अब जब मैं बड़ा हो गया हूँ तो समझ आया कि वो आम आदमी थे जिन्होंने असामान्य चीज़ें की थीं
उन्होंने मुझे रोज़ सुबह उठाकर स्कूल छोड़ा
मैंने कभी नहीं पूछा कि उन्हें थकान कैसे नहीं हुई
उन्होंने अपनी जिंदगी का हर रुपया मेरी पढ़ाई पर खर्च किया
और मैंने उनकी तरह बनने की बजाय उनके साथ बनने की कोशिश की
अब जब मैं अपने बेटे को सोने देता हूँ तो समझता हूँ कि पिता बस एक शब्द नहीं है
ये एक जिम्मेदारी है जिसे कोई नहीं चुनता
बल्कि जो लोग इसे अपनाते हैं वो असली हीरो होते हैं
आज जो भी पिता हैं उनके लिए एक छोटा सा धन्यवाद
LOKESH GURUNG
जून 18, 2024 AT 18:14अरे भाई ये सारे कोट्स तो गूगल से कॉपी पेस्ट किए हैं 😅
शेक्सपियर ने हिंदी में कोट नहीं लिखा था भाई
लिंकन का ये कोट भी फेक है
मैंने अपने पापा को कभी इतना बड़ा नहीं बोला
मैंने तो बस उन्हें एक चाय दी थी और बोला - पापा आज फादर्स डे है
उन्होंने बस हाथ बढ़ाया और बोले - खाना खा ले
और वो असली हीरो हैं भाई 🙌
Aila Bandagi
जून 20, 2024 AT 07:44मैंने अपने पापा को आज एक गुड़िया दी थी
वो बहुत खुश हुए
उन्होंने उसे अपने दफ्तर में रख लिया
मुझे लगा वो बहुत खुश हैं
पापा का प्यार छोटे-छोटे कामों में छुपा होता है
Abhishek gautam
जून 21, 2024 AT 03:33फादर्स डे का ये सारा फेसबुक वाला रोमांटिसिज़्म एक सामाजिक निर्माण है
एक पिता की भूमिका न केवल एक जैविक अस्तित्व है बल्कि एक फिलॉसोफिकल कॉन्स्ट्रक्ट है
जिसे पैट्रियर्कल समाज ने इंस्टीट्यूशनलाइज़ किया है
जब तक आप नहीं समझेंगे कि पितृत्व एक अर्थशास्त्रीय फंक्शन है जिसमें सामाजिक नियंत्रण शामिल है
तब तक आप इसे सिर्फ एक भावनात्मक बात के रूप में देखेंगे
असली पितृत्व तो वह है जब आप अपने बेटे को जीवन के नियम बताते हैं
न कि व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखकर
आज का युवा पीढ़ी तो फादर्स डे के लिए गिफ्ट खरीदने में व्यस्त है
पर क्या उन्होंने कभी पूछा कि उनके पापा को क्या चाहिए?
असली त्याग तो वह है जब आप अपनी नींद छोड़कर बच्चे की बुखार की जांच करते हैं
और फिर अगली सुबह ऑफिस जाते हैं
ये बातें तो कोई नहीं लिखता
Neelam Dadhwal
जून 22, 2024 AT 22:57ये सारे कोट्स तो बस एक बड़ा झूठ है
क्या आप जानते हैं कि 70% पिता अपने बच्चों को बुलाकर डांटते हैं?
क्या आप जानते हैं कि 80% पिता अपनी बेटियों को नहीं समझते?
ये जो फादर्स डे है वो बस एक धोखा है जिससे महिलाओं को शांत किया जाता है
मेरे पापा ने मुझे बचपन में एक बार छूआ भी नहीं
और आज वो बोलते हैं - मैंने तुम्हें पाला है
पाला? तुमने तो मुझे डराया है
फादर्स डे के लिए फूल भेजने की जगह आप अपने पापा को एक थरापिस्ट के पास ले जाएं
Sumit singh
जून 23, 2024 AT 23:35अरे ये सारे कोट्स तो फेक हैं
शेक्सपियर ने हिंदी में कुछ नहीं लिखा
लिंकन का ये कोट भी नहीं है
ये सब तो बस ब्लॉगर्स की चाल है
असली पिता तो बस रोज़ ऑफिस जाते हैं
और घर पर चुप रहते हैं
कोई उनके बारे में नहीं लिखता
कोई उनके लिए फूल नहीं भेजता
पर वो आते हैं
और चाय बनाते हैं
और बच्चे की बात सुनते हैं
और फिर चुपचाप जाते हैं
ये ही असली पितृत्व है
fathima muskan
जून 24, 2024 AT 17:29फादर्स डे के बारे में सोचो तो ये सब एक बड़ा कॉन्सपिरेसी है
क्या आप जानते हैं कि कौन बना ये सारे कोट्स?
कौन बना ये व्हाट्सएप स्टेटस?
क्या ये नहीं कि बड़े कंपनियाँ चाहती हैं कि आप उनके गिफ्ट खरीदें?
मेरे पापा को कभी फूल नहीं मिले
उन्हें तो बस एक चाय और एक बेटा मिला
और आज वो उसी बेटे को देखकर खुश हैं
कोई नहीं जानता कि वो रात भर जागकर उसकी नींद देखते रहे
ये फादर्स डे बस एक फेक न्यूज़ है
Devi Trias
जून 25, 2024 AT 06:22फादर्स डे के लिए व्हाट्सएप संदेश भेजना एक सामाजिक अभ्यास है जो संस्कृति के स्तर पर एक निर्मित व्यवहार है
हालांकि, यह व्यवहार व्यक्तिगत संबंधों के गहराई को प्रतिबिंबित नहीं करता है
एक वास्तविक पिता की भूमिका को बहुत अधिक व्यापक रूप से देखा जाना चाहिए
जिसमें आर्थिक समर्थन, भावनात्मक उपलब्धता और नैतिक मार्गदर्शन शामिल है
इसलिए, यह आवश्यक है कि हम इस दिन को केवल एक आधिकारिक अवसर के रूप में न देखें
बल्कि एक अवसर के रूप में देखें जिससे हम अपने पिताओं के प्रति अपने आंतरिक भावों को अभिव्यक्त कर सकें
अगर आपके पापा आज आपके साथ नहीं हैं
तो उनके लिए एक चिट्ठी लिखें
यह एक छोटा सा कदम है जो बहुत बड़ा असर डाल सकता है
Kiran Meher
जून 26, 2024 AT 15:05मैंने अपने पापा को आज एक बार गले लगाया
उन्होंने बस मुस्कुराया
कोई बात नहीं कही
पर मैं जानता हूँ कि वो खुश हैं
मैंने उन्हें कभी नहीं कहा कि मैं उनसे प्यार करता हूँ
लेकिन आज मैंने उन्हें देखा
और उनकी आँखों में एक चमक थी
वो जानते हैं कि मैं उनके बारे में सोचता हूँ
और यही काफी है
प्यार को बोलने की जरूरत नहीं होती
बस देखना काफी है
Tejas Bhosale
जून 27, 2024 AT 12:51फादर्स डे का ये सारा शोर बस एक बड़ा फेक फेसबुक वाला नाटक है
कोई नहीं जानता कि पिता क्या है
पिता तो बस एक रोल है
जिसे आप खेलते हैं
असली जिंदगी में तो पापा बस बिल भरते हैं
और चिल्लाते हैं
कोई नहीं जानता कि वो कितना तनाव में हैं
कोई नहीं जानता कि वो कितनी रात जागते हैं
और फिर भी वो आते हैं
और बच्चे को खिलाते हैं
और फिर चुपचाप जाते हैं
ये ही असली पितृत्व है
Asish Barman
जून 27, 2024 AT 23:46फादर्स डे क्या है? एक और बाजार वाला दिन
मेरे पापा ने कभी फादर्स डे नहीं मनाया
उन्होंने तो बस रोज़ ब्रेकफास्ट बनाया
और बच्चे को स्कूल छोड़ा
और रात को चाय पीते हुए बात की
कोई नहीं जानता कि वो कितना थक गए थे
कोई नहीं जानता कि वो कितनी बार रोए थे
लेकिन वो आज भी वहीं हैं
और मैं भी वहीं हूँ
और ये काफी है
Abhishek Sarkar
जून 29, 2024 AT 17:59फादर्स डे का ये सारा शोर एक बड़ी सामाजिक छलांग है
जब तक तुम्हारा पापा तुम्हारी सैलरी नहीं बढ़ाता तब तक वो हीरो नहीं है
क्या आप जानते हैं कि 85% पिता अपने बच्चों को अपनी गलतियाँ नहीं बताते?
क्या आप जानते हैं कि ज्यादातर पिता अपने बेटों को नहीं समझते?
ये सब तो बस एक बड़ा फेक न्यूज़ है
मेरे पापा ने मुझे बचपन में एक बार छूआ भी नहीं
और आज वो बोलते हैं - मैंने तुम्हें पाला है
पाला? तुमने तो मुझे डराया है
फादर्स डे के लिए फूल भेजने की जगह आप अपने पापा को एक थरापिस्ट के पास ले जाएं
Niharika Malhotra
जुलाई 1, 2024 AT 11:26पितृत्व का सच बहुत सरल है
ये बस एक अदृश्य बंधन है
जो शब्दों से नहीं बल्कि निरंतर उपस्थिति से बनता है
एक पिता वह नहीं है जो बहुत कहता है
बल्कि वह है जो चुपचाप आता है
जब तुम्हारी ज़रूरत होती है
जब तुम रो रहे हो
जब तुम डर रहे हो
जब तुम खो गए हो
वो तुम्हारे पास आता है
और बस बैठ जाता है
और तुम्हारे साथ रहता है
ये ही असली पितृत्व है
और ये ही वो चीज़ है जिसे हम भूल जाते हैं
Baldev Patwari
जुलाई 1, 2024 AT 23:13फादर्स डे का ये सारा शोर बस एक बड़ा धोखा है
कोई नहीं जानता कि पिता क्या है
पिता तो बस एक रोल है
जिसे आप खेलते हैं
असली जिंदगी में तो पापा बस बिल भरते हैं
और चिल्लाते हैं
कोई नहीं जानता कि वो कितना तनाव में हैं
कोई नहीं जानता कि वो कितनी रात जागते हैं
लेकिन वो आज भी वहीं हैं
और मैं भी वहीं हूँ
और ये काफी है
harshita kumari
जुलाई 2, 2024 AT 04:02फादर्स डे का ये सारा शोर एक बड़ी सामाजिक छलांग है
जब तक तुम्हारा पापा तुम्हारी सैलरी नहीं बढ़ाता तब तक वो हीरो नहीं है
क्या आप जानते हैं कि 85% पिता अपने बच्चों को अपनी गलतियाँ नहीं बताते?
क्या आप जानते हैं कि ज्यादातर पिता अपने बेटों को नहीं समझते?
ये सब तो बस एक बड़ा फेक न्यूज़ है
मेरे पापा ने मुझे बचपन में एक बार छूआ भी नहीं
और आज वो बोलते हैं - मैंने तुम्हें पाला है
पाला? तुमने तो मुझे डराया है
फादर्स डे के लिए फूल भेजने की जगह आप अपने पापा को एक थरापिस्ट के पास ले जाएं
SIVA K P
जुलाई 3, 2024 AT 18:27अरे भाई ये सारे कोट्स तो फेक हैं
शेक्सपियर ने हिंदी में कुछ नहीं लिखा
लिंकन का ये कोट भी नहीं है
ये सब तो बस ब्लॉगर्स की चाल है
असली पिता तो बस रोज़ ऑफिस जाते हैं
और घर पर चुप रहते हैं
कोई उनके बारे में नहीं लिखता
कोई उनके लिए फूल नहीं भेजता
पर वो आते हैं
और चाय बनाते हैं
और बच्चे की बात सुनते हैं
और फिर चुपचाप जाते हैं
ये ही असली पितृत्व है