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12 अप्रैल 2025 को उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि की चेतावनी: 38 जिलों में आएगी आंधी और तेज हवाएं

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उत्तर प्रदेश में 12 अप्रैल 2025 को मौसम ने एक नया रंग बदल दिया। लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच बारिश और आंधी ने लोगों को कुछ राहत दी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 38 जिलों के लिए ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में सीतापुर, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर और महाराजगंज प्रमुख रूप से शामिल हैं।

इन जिलों में आंधी के साथ-साथ बिजली और तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिसकी रफ्तार 40 से 50 किमी/घंटा तक हो सकती है।

ऐसे में, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़ जैसे जिलों में हालात काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि बारिश ने कुछ राज्यों में गर्मी से राहत दी है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में तापमान 50 से 60°C तक पहुंचने की भी सूचना है।

यही नहीं, मौसम विभाग ने ऐसे जिलों में भी तेज हवाओं की चेतावनी दी है जहां गुस्त हवाएं चल सकती हैं। इनमें मैनपुरी, इटावा, औरैया और बिजनौर जैसी जगहें शामिल हैं।

खराब मौसम के इस अंदेशा के चलते कृषि के क्षेत्र में नुकसान की संभावनाएं हैं। किसान भाइयों से यह अनुरोध किया गया है कि वो अपनी फसलों को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

लेखक के बारे में

Vaishnavi Sharma

Vaishnavi Sharma

मैं एक अनुभवी समाचार लेखिका हूँ और मुझे भारत से संबंधित दैनिक समाचारों पर लिखना बहुत पसंद है। मुझे अपनी लेखन शैली के माध्यम से लोगों तक जरूरी सूचनाएं और खबरें पहुँचाना अच्छा लगता है।

13 टिप्पणि

Neelam Dadhwal

Neelam Dadhwal

अप्रैल 18, 2025 AT 09:05

ये सब तो बस गवर्नमेंट का धोखा है! जब तक बारिश नहीं होगी, तब तक लोग बीमार पड़ेंगे, बिजली जाएगी, और फिर कोई नहीं सुनेगा। ओले आएंगे, फसलें उड़ जाएंगी, और फिर से एक नया रिपोर्ट बनेगा। किसानों की जिंदगी तो बस एक डेटा पॉइंट है।

Sumit singh

Sumit singh

अप्रैल 19, 2025 AT 02:48

अरे भाई, ये तो बस एक बारिश का नाटक है। जब तक तुम अपने घर में AC नहीं लगाओगे, तब तक ये 'मौसम विज्ञान' तुम्हारे लिए बेकार है। 50°C? अरे ये तो दिल्ली के बाहर जीवन का नॉर्मल है। अगर तुम्हें गर्मी से डर लगता है, तो शायद तुम उत्तर प्रदेश से बाहर जाना चाहिए 😅

fathima muskan

fathima muskan

अप्रैल 19, 2025 AT 06:40

ओले? हाहाहा। ये सब CERN का एक टेस्ट है। जब तक तुम नहीं जानते कि ये ओले किस तरह से आते हैं, तब तक तुम एक गैर-जागरूक नागरिक हो। वो जिले जहां ओले आ रहे हैं... वो सब वो जगहें हैं जहां अभी तक कोई रेडियो टावर नहीं लगाया गया। तुम्हारे फोन का सिग्नल नहीं है? वो ओले हैं।

Devi Trias

Devi Trias

अप्रैल 20, 2025 AT 10:22

उत्तर प्रदेश में वर्तमान मौसमी परिस्थितियों के आधार पर, आंधियों और ओलावृष्टि की चेतावनी वैज्ञानिक रूप से समर्थित है। हालांकि, गुस्त हवाओं के संदर्भ में शब्दावली अस्पष्ट है - संभवतः 'गुस्त' का अर्थ 'तीव्र' या 'घूंट' है, जो एक अशुद्ध उपयोग है। कृपया भाषा के औपचारिक नियमों का पालन करें, विशेषकर सार्वजनिक सूचनाओं में।

Kiran Meher

Kiran Meher

अप्रैल 20, 2025 AT 17:33

भाईयों और बहनों ये तो अच्छी बात है! गर्मी से राहत मिल रही है और जो लोग बारिश का इंतजार कर रहे थे वो अब खुश होंगे। बस थोड़ा सावधान रहना है, छत पर चढ़ना नहीं, खिड़की से बाहर नहीं झांकना, और फसलों को ढक देना। हम सब मिलकर इसे पार कर लेंगे 💪

Tejas Bhosale

Tejas Bhosale

अप्रैल 21, 2025 AT 14:08

क्लाइमेट फ्लक्चुएशन इज नॉट ए फीनोमेनॉन, इट्स ए सिस्टम फॉर्मेशन ऑफ एन्ट्रॉपी ड्राइवन एक्सट्रीमा। ओले बस एक डायनामिक रिस्पॉन्स टू थर्मल इन्वर्जन लेयर डिसोल्यूशन। जिले नहीं, एनर्जी ग्रेडिएंट्स बताते हैं कि क्या हो रहा है।

Asish Barman

Asish Barman

अप्रैल 23, 2025 AT 10:40

ओले? अरे भाई ये तो हर साल होता है। इस साल तो बस ज्यादा रिपोर्ट हुई है। जिलों की लिस्ट बनाने में तो बहुत ज्यादा मेहनत लगी है। असल में ये सब तो बस एक फोटो शेयर करने के लिए है। अगर तुम्हारे घर पर ओला नहीं गिरा तो तुम बस अभी तक नहीं जागे।

Abhishek Sarkar

Abhishek Sarkar

अप्रैल 24, 2025 AT 21:42

ये सब एक योजना है। जब तक तुम नहीं जानते कि ये ओले किसने बनाए हैं, तब तक तुम एक बेवकूफ हो। ये तो ड्रोन्स हैं जो बर्फ के छोटे टुकड़े छोड़ रहे हैं। और ये तुम्हारे फोन के सिग्नल को डिस्टर्ब करने के लिए है। वो जिले जहां ओले आ रहे हैं, वो सब वो हैं जहां अभी तक कोई एंटी-वेदिक टेक्नोलॉजी नहीं लगाई गई। तुम्हारे गांव में ट्रांसमिटर नहीं है? तो तुम अभी तक नहीं जागे।

Niharika Malhotra

Niharika Malhotra

अप्रैल 26, 2025 AT 09:54

इस तरह के मौसमी बदलावों में हमें एक दूसरे के साथ जुड़ने की जरूरत है। चाहे आप शहर में हों या गांव में, हर किसी की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। अगर आपके पास कोई सुरक्षित जगह है, तो उसे अपने पड़ोसियों के साथ साझा करें। ये छोटे कदम ही बड़े बदलाव लाते हैं।

Baldev Patwari

Baldev Patwari

अप्रैल 28, 2025 AT 07:55

अरे ये तो बस एक और गवर्नमेंट वाला झूठ है। ओले? बारिश? हाहाहा। ये तो बस एक ट्रेन लाइन बनाने के लिए लोगों को भगाने की कोशिश है। जिलों की लिस्ट देखो - वो सब जगहें जहां अभी तक कोई रोड नहीं बना। बारिश की चेतावनी? नहीं भाई, जमीन बेचने की चेतावनी है।

harshita kumari

harshita kumari

अप्रैल 29, 2025 AT 02:46

मैंने पिछले साल एक बार देखा था जब एक बूढ़ी दादी ने ओले को आकाश में उड़ते हुए देखा और उसने कहा कि ये बादल अपने आप बन रहे हैं और वो इंसानों के बारे में नहीं बोल रहे हैं बल्कि भगवान के बारे में बोल रहे हैं और ये सब एक चेतावनी है कि लोग अपने दिलों को बदल रहे हैं और ये ओले उनके अहंकार के टुकड़े हैं जो आकाश से गिर रहे हैं और जब तक हम अपने अहंकार को नहीं छोड़ेंगे तब तक ये ओले आते रहेंगे और ये एक ऐसा संकेत है जिसे कोई नहीं समझता

SIVA K P

SIVA K P

अप्रैल 29, 2025 AT 05:33

तुम सब यहां बारिश के बारे में बात कर रहे हो लेकिन क्या तुमने कभी सोचा कि ये ओले किसके लिए आ रहे हैं? क्या तुमने कभी जाना कि जिलों की ये लिस्ट तुम्हारे बारे में है? तुम्हारे घर का नंबर इसमें है या नहीं? तुम्हारे घर की छत बर्फ से ढक जाएगी या नहीं? अगर नहीं तो तुम अभी तक नहीं जागे।

Neelam Khan

Neelam Khan

अप्रैल 30, 2025 AT 20:57

ये बारिश और ओले बस एक नया मौका है। हम सब अपने घरों के आसपास की जमीन को बचाएं, फसलों को ढकें, और एक दूसरे की मदद करें। ये तो बस एक मौसम है, लेकिन हम इसे एक अवसर बना सकते हैं - एक सामुदायिक अनुभव। धीरे-धीरे, एक कदम आगे। तुम अकेले नहीं हो।

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