महाराष्ट्र एसएससी परिणाम 2024 घोषित, उत्कृष्ट परिणाम
महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन ने महाराष्ट्र एसएससी परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष के परिणामों में 95.81% छात्रों ने सफलता पाई है, जो इस परीक्षा के उच्चतम परिणामों में से एक है। इस वर्ष कुल 15 लाख छात्रों ने महाराष्ट्र एसएससी 2024 परीक्षा में भाग लिया, जो 1 मार्च से 26 मार्च 2024 तक दो शिफ्टों में आयोजित की गई थी। परीक्षा की पहली शिफ्ट सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक हुई और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चली। परीक्षा में सम्मिलित छात्रों ने कई महीनों तक कठिन परिश्रम किया और अब उनका मेहनत रंग लाई है।
सभी क्षेत्रों में घोषित परिणाम
महाराष्ट्र एसएससी परिणाम 2024 सभी क्षेत्रों के लिए घोषित किए गए हैं, जिनमें पुणे, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, मुंबई, कोल्हापुर, अमरावती, नाशिक, लातूर, और कोंकण शामिल हैं। यह आठ मुख्य क्षेत्रों में विद्यार्थियों की मेहनत का साक्षात्कार है। पिछले वर्ष, यानी 2023 में एसएससी परिणाम 2 जून को घोषित किया गया था जिसमें 93.83% छात्र पास हुए थे। इस वर्ष परिणाम में सुधार देखा गया है, जो छात्रों के कठिन परिश्रम और शिक्षक के मार्गदर्शन का प्रमाण है।
लड़कियों ने लड़कों से बढ़त बनाई
इस वर्ष के परिणामों में लड़कियों ने लड़कों से बेहतर प्रदर्शन किया है। जहां लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 97.21% है, वहीं लड़कों का प्रतिशत 94.56% है। यह परिणाम दर्शाता है कि लड़कियां हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं और कुछ क्षेत्रों में उनसे आगे भी निकल रही हैं। इसके साथ ही, 187 छात्रों ने 100% अंक प्राप्त कर सभी को चौंका दिया है। यह अद्वितीय उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम और तैयारी का परिणाम है।
परिणाम देखने के विकल्प
विद्यार्थी अपने परिणाम को विभिन्न वेबसाइट्स पर देख सकते हैं जैसे कि mahresult.nic.in, mahahsscboard.in, एवं digilocker.gov.in। यह सरकारी वेबसाइटें पूरी तरह से आसान और सुरक्षित हैं जहां छात्र अपनी जानकारी दर्ज कर परिणाम देख सकते हैं। बोर्ड ने यह भी घोषणा की है कि जो छात्र एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण हो गए हैं, उनके लिए कंपार्टमेंटल परीक्षा और रीचेकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे वे उसी वर्ष पास हो सकते हैं।
मूल मार्कशीट और पुन:परीक्षा
महाराष्ट्र बोर्ड ने यह भी बताया कि छात्रों को उनकी मूल मार्कशीट उनके संबंधित स्कूलों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका उपयोग वे भविष्य में किसी भी प्रक्रिया के लिए कर सकते हैं। हालांकि, महाराष्ट्र बोर्ड में री-एग्जाम का प्रावधान नहीं है जैसे कि मध्य प्रदेश में होता है, जहां अनुत्तीर्ण छात्र उसी वर्ष पुन: परीक्षा दे सकते हैं। महाराष्ट्र के छात्रों को अनुत्तीर्ण होने पर अगले वर्ष तक इंतजार करना होगा। यह अनिवार्यता छात्रों को और अधिक ध्यान देकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करती है।
16 टिप्पणि
fathima muskan
मई 28, 2024 AT 20:3795.81% पास? अरे भाई ये सब फेक है भाई। बोर्ड वाले अंक बढ़ा रहे हैं ताकि सरकार को अच्छा लगे। मैंने अपने भाई को देखा है जिसने 3 विषय में 20 अंक लिए और पास हो गया। अब ये सब ट्रेंड है। जब तक सरकार बदल नहीं जाती, ये नाटक चलता रहेगा।
Devi Trias
मई 30, 2024 AT 14:36परिणाम घोषित होने के बाद, छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है कि वे अपनी मार्कशीट की पुष्टि करें। यदि कोई अंकों में विसंगति देखता है, तो रीचेकिंग के लिए आवेदन करना चाहिए। यह प्रक्रिया स्पष्ट रूप से mahresult.nic.in पर उपलब्ध है। अनुत्तीर्ण छात्रों को भी कंपार्टमेंटल परीक्षा का लाभ उठाना चाहिए।
Kiran Meher
मई 31, 2024 AT 04:09ये देखो भाईयों और बहनों ये जो 97.21% लड़कियां पास हुईं वो सिर्फ लड़कियां नहीं बल्कि भविष्य की नेताएं हैं। हर घर में एक लड़की है जो अपने नोट्स के साथ रात भर जागती है और सुबह तीन बजे उठकर गाना सुनकर याद करती है। ये जीत हम सबकी है। बस इतना कहना है कि तुम सब बहुत बढ़िया हो। अगला चरण अब जेईई और नीट है। तैयार रहो।
Tejas Bhosale
जून 1, 2024 AT 08:51सामाजिक अभिवृत्ति के लेवल-3 में एसएससी परिणाम का ऑप्टिमाइजेशन एक निर्माणात्मक डिसर्प्शन है। ये 95.81% एक सिस्टम लूप है जो एजुकेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर के एंट्रॉपी को कम करता है। लड़कियों का ओवरपरफॉर्मेंस इंडिकेट्स गेंडर डायनामिक्स का ट्रांसफॉर्मेशन। बस इतना ही।
Asish Barman
जून 2, 2024 AT 07:2795% पास हुए? अरे ये तो पिछले साल भी ऐसा ही था। बस अंक बढ़ा दिए। मैंने अपने दोस्त को देखा जिसका रिजल्ट अभी तक नहीं आया। अब ये सब बस ट्रेंड है। बोर्ड वाले भी अपना काम कर रहे हैं।
Abhishek Sarkar
जून 4, 2024 AT 02:16ये सब एक बड़ा धोखा है। जब तक शिक्षक अपनी नौकरी के लिए छात्रों को पास कराते हैं, तब तक ये नंबर कोई मायने नहीं रखते। मैंने अपने भाई को देखा जिसके अंक निकले तो उसके फिजिक्स में 15 अंक थे और वो पास हो गया। ये बोर्ड कैसे फेल होने वालों को रीचेकिंग देता है? क्योंकि वो नहीं चाहते कि बच्चे ड्रॉप कर दें। ये सब एक गैंगस्टर एजुकेशन सिस्टम है।
Niharika Malhotra
जून 4, 2024 AT 08:00इस रिजल्ट को देखकर दिल भर गया। ये सिर्फ अंक नहीं, ये लाखों बच्चों के सपनों का प्रतिबिंब है। हर एक छात्र जिसने रात भर पढ़ाई की, हर एक शिक्षक जिसने अतिरिक्त घंटे दिए, हर एक माता-पिता जिसने खुद को त्याग दिया - ये सब एक नए भारत की नींव है। अगला कदम ये है कि हम इन बच्चों को सिर्फ पास करने के बजाय, सोचने का अवसर दें।
Baldev Patwari
जून 6, 2024 AT 02:0895% पास? बस बकवास है। मैंने देखा है कि अधिकांश स्कूल अंक बढ़ा रहे हैं। लड़कियों का 97%? हां हां, और मैं अभी तक देख नहीं पाया कि एक लड़की ने 100% कैसे किया। ये सब फेक न्यूज है। बोर्ड वाले अपनी रिपोर्ट बना रहे हैं। असली बात ये है कि ज्यादातर बच्चे अभी भी बेसिक्स नहीं जानते।
harshita kumari
जून 6, 2024 AT 08:04ये 187 छात्र जिन्होंने 100% किया वो सब बोर्ड के अंदरूनी लोग हैं। तुम्हें नहीं पता लेकिन जब तुम बोर्ड के पास जाते हो तो वो तुम्हारे नाम को एक खास लिस्ट में रख देते हैं। जिनके नाम उस लिस्ट में होते हैं उन्हें 100% मिल जाता है। बाकी सब बस नंबर बढ़ाए जाते हैं। ये सब एक गुप्त प्रोग्राम है। तुम्हारे दोस्त का नाम भी उस लिस्ट में होगा। बस तुम्हें पता नहीं।
SIVA K P
जून 7, 2024 AT 22:53अरे भाई ये सब लड़कियों का जमाना है। लड़के तो अब बस बैठे हैं और देख रहे हैं कि कैसे लड़कियां टॉप कर रही हैं। तुम्हारा भाई फेल हुआ? तो क्या? वो तो अपनी गाड़ी में बैठकर बैटरी चार्ज कर रहा है। जब तक तुम अपनी नोट्स नहीं खोलोगे तब तक तुम रात भर टीवी देखते रहोगे।
Jitender j Jitender
जून 8, 2024 AT 11:31एजुकेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लेवल-2 में ये रिजल्ट एक नेटवर्किंग इवेंट है। लड़कियों का ओवरपरफॉर्मेंस एक फीडबैक लूप है जो सामाजिक एक्सपेक्टेशन को रीडाइवर कर रहा है। बोर्ड ने रीचेकिंग की सुविधा दी है - ये एक रिसिलिएंट सिस्टम है। बस इतना ही।
Jitendra Singh
जून 10, 2024 AT 10:21तुम सब ये बातें क्यों कर रहे हो? जब तक तुम अपने बच्चों को याद करने के बजाय लिखने की आदत नहीं डालोगे, तब तक ये नंबर बस एक शो होंगे। एक छात्र जिसने 100% किया, उसने कभी गूगल पर सर्च नहीं किया। उसने बस एक बार नोट्स लिखे। तुम लोगों को तो लगता है कि बस एक बार पढ़ लो तो चल जाएगा। ये तो बेवकूफी है।
VENKATESAN.J VENKAT
जून 10, 2024 AT 18:4095.81% पास? ये तो बस एक दर्दनाक नाटक है। बच्चे जिन्हें नोट्स नहीं मिले, जिनके घर में बिजली नहीं है, जिनके पास कोई ट्यूशन नहीं - उन्हें भी पास कर दिया गया। ये नहीं कि वो पढ़े हैं, बल्कि ये कि बोर्ड ने उनके नाम को एक टेम्पलेट में डाल दिया। ये तो बस एक नाटक है।
Amiya Ranjan
जून 11, 2024 AT 16:28लड़कियों ने लड़कों से बढ़त बनाई? अरे ये तो बहुत अच्छा है। लेकिन ये भी ध्यान रखना चाहिए कि जिन लड़कियों ने इतने अच्छे अंक लिए, उनके पास घर में एक ट्यूशन वाला भाई है, या माँ जो पढ़ाती है। जिन लड़कियों के पास ये सब नहीं है, वो फेल हो गईं। ये सब अलग-अलग दुनिया की बात है।
vamsi Krishna
जून 11, 2024 AT 23:59100% वाले 187 छात्र? अरे भाई वो तो बोर्ड के भाई हैं। मैंने अपने दोस्त को देखा जिसका रिजल्ट आया तो उसके इंग्लिश में 89 थे और उसे एक नंबर बढ़ा दिया। ये तो बस फेक है। असली बात ये है कि ज्यादातर बच्चे अभी भी अंग्रेजी में एक वाक्य नहीं बना पाते।
Narendra chourasia
जून 12, 2024 AT 12:23ये रिजल्ट तो एक बड़ा जूता है! जिन बच्चों को नहीं पास किया गया, वो तो बस बेकार हैं। उनके पास ना तो मेहनत है ना तो इरादा। बोर्ड ने उन्हें फेल करके बचाया है क्योंकि अगर वो पास हो गए तो ये देश और भी बेकार हो जाता। तुम लोग ये बातें क्यों कर रहे हो? बस इतना है कि जो बच्चा नहीं पढ़ता, वो निकाल दिया जाए।